54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार, 2018

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  • 14 दिसंबर, 2018 को साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार वर्ष 2018 के लिए अंग्रेजी के प्रख्यात लेखक एवं उपन्यासकार अमिताव घोष को प्रदान किए जाने की घोषणा की गई।
  • प्रतिभा रॉय की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने अमिताव घोष को इस पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया।
  • पुरस्कारस्वरूप अमिताव घोष को 11 लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा प्रदान की जाएगी।
  • इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले वह अंग्रेजी के पहले लेखक हैं।
  • उनकी प्रमुख रचनाओं में ‘द सर्किल ऑफ रीजन’, ‘दे शेडो लाइन’, ‘द कलकत्ता क्रोमोसोम’, ‘द ग्लास पैलेस’, ‘द हंगरी टाइड’, ‘रिवर ऑफ स्मोक’ और ‘फ्लड ऑफ फायर’ प्रमुख हैं।
  • इन्हें उपन्यास द शैडो लाइंस के लिए वर्ष 1989 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • ज्ञातव्य है की 53वां ज्ञानपीठ पुरस्कार हिंदी की लब्धप्रतिष्ठित लेखिका कृष्णा सोबती को प्रदान किया गया था।
  • उल्लेखनीय है की ज्ञानपीठ पुरस्कार संविधान के 8वीं अनुसूची में वर्णित 22 भारतीय भाषाओं में लेखन के लिए प्रदान किया जाता है।
  • वर्ष 1965 में मलयालम साहित्य के प्रसिद्ध साहित्यकार जी. शंकर कुरुप को प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया था।

संभावित प्रश्न

प्रश्न:- 54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार, 2018 किसे प्रदान करने की घोषणा की गई है?

(a) कृष्णा सोबती          (b) शंखा घोष

(c) रघुवीर चौधरी          (d) अमिताव घोष

उत्तर – (d)

संबंधित लिंक –

https://www.thehindu.com/books/books-authors/author-amitav-ghosh-honoured-with-54th-jnanpith-award/article25743556.ece

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