2020-21 विपणन मौसम की खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)

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  • 1 जून, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने विपणन सीजन 2020-21 के लिए सभी अनिवार्य खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है।
  • एमएसपी में उच्चतम वृद्धि नाइजर सीड (755 रुपये प्रति क्विंटल) और उसके पश्चात तिल (370 रुपये प्रति क्विंटल), उड़द (300 रुपये प्रति क्विंटल) और कपास (लंबा रेशा) (275 रुपये प्रति क्विंटल) प्रस्तावित है।
  • विपणन सीजन 2020 के लिए सभी खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य-2020-21 इस प्रकार हैं:-

 

क्र.सं फसलें प्रस्तावित लागत* केएमएस 2020-21 खरीफ के लिए एमएसपी 2020-21 एमएसपी

में

वृद्धि

(पूर्ण)

लागत पर प्रतिफल (% में)
1 धान (सामान्य) 1,245 1,868 53

 

50
2 धान (ग्रेड ए)* 1,888 53

 

3  ज्वार (हाइब्रिड) 1,746 2,620 70

 

50
4 ज्वार (मालदंडी)* 2,640 70

 

5 बाजरा 1,175 2,150 150

 

83
6 रागी 2,194 3,295 145

 

50
7 मक्का 1,213 1,850 90

 

53
8 तूर (अरहर) 3,796 6,000 200

 

58
9 मूँग 4,797 7,196 146

 

50
10 उड़द 3,660 6,000 300

 

64
11 मूंगफली 3,515 5,275 185

 

50
12 सूरजमुखी बीज 3,921 5,885 235

 

50
13 सोयाबीन

(पीला)

2,587 3,880 170

 

50
14 तिल 4,570 6,855 370

 

50
15 नाइजर सीड 4,462 6,695 755

 

50
16 कपास

(मध्यम रेशा)

3,676 5,515 260

 

50
17 कपास

(लंबा रेशा)*

5,825 275

 

*लागत डेटा को धान (ग्रेड ए), ज्वार (मालदंडी) और कपास (लंबा रेशा) के लिए अलग से संकलित नहीं किया गया है।

  • विपणन सत्र 2020-21 के लिए खरीफ फसलों हेतु एमएसपी में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 में अखिल भारतीय भारित औसत लागत उत्पादन (सीओपी) के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर एमएसपी को निर्धारित करने की घोषणा और किसानों के लिए यथोचित पारिश्रमिक के लक्ष्य के अनुरूप है।
  • किसानों को बाजरा (83%) में उच्चतम वृद्धि के बाद उड़द (64%), तूर (58%) और मक्का (53%) में उनके उत्पादन की लागत से अधिक प्रतिफल मिलने का अनुमान है।
  • शेष फसलों के लिए, किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर कम से कम 50% प्रतिफल का अनुमान है।
  • सरकार द्वारा 2018 में घोषित समग्र योजना ‘प्रधानमंत्री अन्‍नदाता आय संरक्षण अभियान’ (पीएम-आशा) किसानों को उनकी उपज के लिए पारिश्रमिक प्रतिफल प्रदान करने में मदद करेगी।
  • इस समग्र योजना में प्राथमिक आधार पर तीन उप-योजनाएं शामिल हैं जैसे मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), मूल्य न्यूनता भुगतान योजना (पीडीपीएस) और निजी खरीद एवं स्टॉकिस्ट पायलट योजना (पीडीपीएस)।
  • इसके अलावा, 24 मार्च 2020 से अब तक की लॉकडॉउन अवधि के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-केएसएएन) योजना के तहत, लगभग 8.89 करोड़ किसान परिवारों को लाभान्वित किया गया है और अब तक 17,793 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

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