हज नीति 2018-22 पर रिपोर्ट

0
272
  • भारतीय हज समिति ने 7 अक्तूबर, 2017 को मुंबई में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
  • ध्यातव्य है की अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने एक समिति गठित की जिसके संयोजक अफजल अमानुल्लाह थे।
  • समिति के विचारार्थ प्रमुख विषयों में शामिल था –
  1. भारतीय हज समिति और निजी टूर आपरेटरों से संबंधित मौजूदा हज नीति की इसके उद्देश्यों और उपलब्धियों की रोशनी में इसकी समीक्षा करना।
  2. मौजूदा नीति के संबंध में उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निदेशों के निहित-प्रभावों की छानबीन करना और ऐसे निदेशों की रोशनी में उक्त नीति में उपयुक्त संशोधन सुझाना।
  3. हज सब्सिडी से संबंधित मुद्दों सहित भारतीय हज समिति द्वारा हज तीर्थयात्रियों के लिए आवास और हवाई यात्रा के लिए किए गए प्रबंधों की कारगरता की समीक्षा करना।
  4. निजी टूर आपरेटरों के बीच उचित प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने और उनके द्वारा प्रदान की गई सेवाओं के लिए अधिक महत्व के लिए उपाय सुझाना।
  • समिति की मुख्य सिफारिशें निम्नलिखित हैं-

 भारतीय हज समिति के लिए सरकार की हज नीति

  1. भारतीय हज समिति और निजी टूर आपरेटरों के बीच कोटे का वितरण अगले 5 वर्षों के लिए 70:30 के अनुपात में युक्तिसंगत बनाया जाए।
  2. राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के बीच सीटों का वितरण उनकी मुस्लिम आबादी के अनुपात के साथ-साथ प्राप्त आवेदनों के अनुपात में किया जाए।
  3. मेहरम के लिए कोटा 200 से बढ़ाकर 500 किया जाए।
  4. जम्मू एवं कश्मीर के लिए विशेष कोटा 1500 से बढ़ाकर 2000 किया जाए।
  5. 500 से कम आवेदन प्राप्त करने वाले राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को अधिशेष सीटों के वितरण में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दादर एवं नागर हवेली, दमन एवं दिव तथा पुडूचेरी जैसे संघ राज्य क्षेत्रों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, गोवा, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर जैसे छोटे राज्यों को लाभ होगा।
  6. आवेदकों की आरक्षित श्रेणी अर्थात् 70+ तथा चौथी बार वालों को समाप्त किया जाए।
  7. 45 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को मेहरम के बिना हज के लिए चार या इससे अधिक के समूह में जाने की अनुमति दी जाए।
  8. मदीना में सभी आवास केवल मरकजिया में ही किराये पर लिए जाए।
  9. आरोहण स्थल (ईपी) 21 से घटाकर 9 किए जाए जो (1) दिल्ली, (2) लखनऊ, (3) कोलकाता, (4) अहमदाबाद, (5) मुंबई, (6) चेन्नई, (7) हैदराबाद, (8) बैंगलूरू और (9) कोचीन में हों।

   निजी टूर आपरेटरों के लिए सरकार की नीति

  1. निजी टूर आपरेर्ट्स (पीटीओ) को उनके अनुभव और वित्तीय क्षमता के अनुसार तीन वर्गों में वर्गीकृत किया जाए। पीटीओ का कोटा वैयक्तिक पीटीओ को सीटों का 200:100:50 के अनुपात में आबंटन करने के प्रावधान के साथ तीनों वर्गों के बीच 30:40:30 के अनुपात में विभाजित किया जाए।
  2. पीटीओ यात्रियों से केवल बैंक खाते के माध्यम से पूर्ण पैकेज लागत वसूल करें और भारत से यात्रियों के प्रस्थान से पूर्व मंत्रालय को विवरण प्रस्तुत करें।
  3. पीटीओ का नाम बदलकर हज समूह संगठक (एचजीओ) किया जाए।

संभावित प्रश्न

प्रश्न:-  हज नीति 2018-22 पर प्रस्तुत रिपोर्ट से संबंधित बिंदुओं पर विचार कीजिए-

(1)  जम्मू एवं कश्मीर के लिए विशेष कोटा 1500 से बढ़ाकर 2000 किया जाए।

(2) आवेदकों की आरक्षित श्रेणी अर्थात् 70+ तथा चौथी बार वालों को समाप्त किया जाए।

(3) आरोहण स्थल (ईपी) 21 से घटाकर 12 किए जाए।

(4) पीटीओ का नाम बदलकर हज समूह संगठक (एचजीओ) किया जाए।

इन कथनों में से

(a) 1 और 2 सही है     (b) 2 और 3 सही है

(c) 1 और 3 सही है     (d) 1, 2 और 4 सही है

उत्तर- (d)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here