वर्षांत समीक्षा, 2019 : संस्कृति मंत्रालय

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  • संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी वर्ष 2019 के वार्षिक समीक्षा में भारत की समृद्ध कला और संस्कृतिक के संरक्षण और प्रोत्साहन हेतु नीतियां व कार्यक्रम तथा उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है।
  • ये उपलब्धियां निम्न हैं –
  • 10 जनवरी, 2019 से कुंभ मेला क्षेत्र प्रयागराज में 29 दिनों का सांस्कृतिक कार्यक्रम संस्कृति कुंभ का आयोजन किया गया।
  • संस्कृति मंत्रालय ने संस्कृति कुंभ का आयोजन किया।
  • इसका उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दिखाना था। इसके लिए एक ही स्थान पर लोककला, जनजातीय तथा शास्त्रीय कला, दस्तकारी, व्यंजन और प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया।
  • प्रयागराज में कुंभ मेला में ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के लिए विशेष प्रबंध किये गए थे।
  • प्रधानमंत्री को उपहार में मिले स्मृति चिन्हों की नीलामी दो भागों में यानी जनवरी और सितंबर, 2019 में आयोजित की गई।
  • राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान के नए परिसर का उद्घाटन ए-19, सेक्टर 62, नोएडा (संस्थागत क्षेत्र) में 30 जनवरी, 2019 को किया गया।
  • इस अवसर पर 4 नए पाठ्यक्रमों – (1) पुरातत्व; (2) प्राचीन शिलालेख अध्ययन; पुरालेख विद्या तथा ढाल कर बनाए गए सिक्कों का अध्ययन (3) ढांचागत संरक्षण (4) और सांस्कृतिक तथा विरासत प्रबंधन – को शुरू करने का प्रस्ताव किया गया।
  • इन नियमित पाठ्यक्रमों के अंतर्गत संस्थान में 5 महीने का लघु अवधि का पाठ्यक्रम कला प्रशंसा तथा भारतीय कलानिधि (हिन्दी) चलाने का प्रस्ताव किया गया ताकि देश की मूर्त और अमूर्त विरासत के बारे में प्रचार और प्रसार हो सके।
  • कुंभ मेला पर विशेष डाक टिकट 2 फरवरी, 2019 को जारी किया गया।
  • इस डाक टिकट का मूल्य 5 रुपये है।
  • भारत का अंतर्राष्ट्रीय नाटक उत्सव भारत रंग महोत्सव (बीआरएम) के 20वें संस्करण का आयोजन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा किया गया।
  • राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने 6 फरवरी, 2019 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में वर्ष 2017 के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किये।
  • आगरा किला और ताज महल के बीच ताज कॉरिडोर पर ताज व्यू गार्डन की आधार शिला 14 फरवरी, 2019 को रखी गई।
  • संस्कति मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) द्वारा वर्चुअल एक्सपेरीमेंटल संग्रहालय वाराणसी के दशाश्वमेध घाट के निकट मन-महल में स्थापित किया गया है।
  • संग्रहालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन केंद्रीय संरक्षित स्मारक है।
  • आजादी के दिवाने संग्रहालय का उद्घाटन 4 मार्च, 2019 को लाल किले में किया गया।
  • इसे भारतीय पुरातत्व संरक्षण (एएसआई) ने बनाया है।
  • लाल किला परिसर के अंदर बना यह संग्रहालय भारतीय संग्राम के अनाम सेनानीयो के प्रति श्रृद्धांजलि है।
  • संस्कृति मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) ने नवाचारों और आविष्कारों पर सबसे बड़ी ऑनलाइन प्रदर्शनी वन्स अपॉन ए ट्राई’ : एपिक जर्नी इनवेंशन एंड डिस्कवरी के लिए गुगल आर्ट्स एंड कल्चर से सहयोग किया।
  • इस सहयोग का उद्देश्य इंटरएक्टिव ऑनलाइन प्रदर्शनी के रूप में मानवता के महानतम नवाचारों और आविष्कारों को तलाशना है।
  • ऑनलाइन प्रदर्शनी 7 मार्च, 2019 को लॉन्च की गई।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर 7 मार्च, 2019 को आयोजित समारोह में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों का कोश जारी किया।
  • पांच खंड के इस कोश में 1857 में भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की गाथा से लेकर 1947 में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की गाथाओं को शामिल किया गया है।
  • इस कोश में जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों, असहयोग आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों तथा शहादत प्राप्त करने वाले आजाद हिंद फौज के सैनिकों को शामिल किया गया है।
  • भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के कोश के संकलन की परियोजना संस्कृति मंत्रालय ने 1857 के विद्रोह की 150वीं वर्षगांठ मनाने के लिए भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) को दी।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 9 मार्च, 2019 को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरातत्व संस्थान का उद्घाटन किया।
  • उसी दिन परिसर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण किया गया और दीनदयाल संग्रहालय का उद्घाटन किया गया।
  • संस्थान में एक सभागार है जिसकी क्षमता 1000 लोगों के बैठने की है। ओपन एयर थियेटर और पुरातत्व संग्रहालय है।
  • पुरातत्व संस्थान संस्कृति मंत्रालय के एएसआई का अकादमिक प्रभाग है।
  • पहली बार संस्कृति मंत्रालय के अनुरोध पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अमरनाथ यात्रा मार्ग पर बालटाल में 103.7 मेगाहर्ट्स फ्रीक्वेंसी पर एफएम रेडियो ट्रांसमीटर स्थापित किया।
  • अजरबैजान के बाकू में विश्व विरासत समिति की 43वीं बैठक के दौरान राजस्थान के जयपुर शहर पर भारत का प्रस्ताव 6 जुलाई, 2019 को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में अंकित किया गया।
  • जयपुर शहर के नाम के सफल अंकन के साथ भारत के पास 38 विश्व विरासत स्थल हैं।
  • इनमें 30 सांस्कृतिक संपत्तियां, 7 प्राकृतिक संपत्तियां और एक मिश्रित स्थल है।
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा महाराष्ट्र में मार्कन्डेश्वर मंदिर के पुनः स्थापन का कार्य जुलाई, 2019 में प्रारंभ किया गया।
  • मार्कंडदेव का यह मंदिर विदर्भ के खजुराहो के रूप में प्रसिद्ध है और यह महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में बाणगंगा नदी के तट पर है।
  • संस्कृति मंत्रालय संस्कृति के क्षेत्र में असाधारण कलाकारों के लिए सीनियर/ जूनियर फेलोशिप योजना चलाता है।
  • फेलोशिप शोध परियोजनाओं के लिए प्रदान किये जाते हैं।
  • सांस्कृतिक संसाधन तथा प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), द्वारका अंतिम चयन प्रक्रिया तक सीनियर/ जूनियर फेलोशिप योजना लागू करने के लिए नोडल संस्थान है।
  • दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी की घर घर दस्तक घर घर पुस्तकयोजना के अंतर्गत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व सहायता के अंतर्गत खरीदी गई मोबाइल लाइब्रेरी बसें लॉन्च की गई।
  • इसका उद्देश्य दिल्ली के नागरिकों विशेष कर झुग्गी-झोपड़ियों, पुनर्वास कॉलोनियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को पुस्तकें प्रदान करना है।
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा महाराष्ट्र के फूपगांव में की गई खुदाई से विदर्भ क्षेत्र में लौहयुग की बस्ती का साक्ष्य मिला है।
  • एएसआई द्वारा खुदाई का कार्य दिसंबर, 2018 से मार्च, 2019 के बीच किया गया।
  • एएसआई के दल ने महाराष्ट्र के अमरावती जिले में चंदूर बाजार से फूपगांव (उत्तर 21° 24’ 00.6” पूर्व 77° 54’ 11.6”) के पूर्णा बेसिन के दरियापुर के बीच व्यापक सर्वे किया।
  • यह स्थल विशाल घुमावदार पूर्णानदी के निकट है।
  • पूर्णानदी तापी नदी की प्रमुख सहायक नदी है।
  • एएसआई का मत है कि फूपगांव में खुदाई में पूर्णा नदी बेसिन के लौहयुग के लोगों की जानकारी मिली है।
  • अवधि क्रम के अनुसार इस स्थल को 7वीं शताब्दी बीसीई तथा 4थी शताब्दी बीसीई के बीच रखा जा सकता है।
  • विदर्भ के लौहयुग के आगे के पहलुओं का पता लगाने के लिए विस्तृत अध्ययन कार्य किया जा रहा है।
  • महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर भारतीय पुरातत्व संस्थान द्वारा आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के सहयोग से प्रकाशित मनु गांधी की डायरी’ (1943-44) नई दिल्ली नेहरू स्मृति संग्रहालय के सभागार में आयोजित समारोह में लॉन्च की गई।
  • मौलिक मनू गांधी की डायरी गुजराती भाषा में है और इसका संपादन और अनुवाद गांधीवादी बौद्धिक परंपरा को समझने वाले विद्वान डॉ. त्रिदीप शुरूड़ ने किया है।
  • प्रथम खंड में 1943-44 की अवधि को शामिल किया गया है।
  • नई दिल्ली में छह राज्यों के 517 स्थानीय निकायों के लिए राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (एनएमए) के लिए एक एकीकृत एनओसी ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम URL: http://nmanoc.nic.in/ पर सार्वजनिक डोमेन में लॉन्च किया गया ।
  • ताजमहल परिसर में जल संरक्षण प्रणाली तथा बेबीकेयर और फिडिंग कक्ष बनाया गया है।
  • जल संरक्षण प्रणाली के अंतर्गत आरओ प्रणाली से आ रहे 10,000 लीटर जल को विरासत स्थल परिसर में स्थापित जगह पर रखा जाता है।
  • एएसआई द्वारा बनाई गई जब्त और पुनःप्राप्त पुरातन वस्तुओं की गैलरी में लोगों के लिए जब्त और प्राप्त की गई पुरातन सामग्रियां दिखाई गई है।
  • यह गैलरी पुराने किले के मेहराब खाने में है।
  • पिछले 5 वर्षों में सबसे अधिक पुरातन कृतियों को जब्त किया गया है।
  • एएसआई ने अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, जर्मनी, कनाडा तथा इंग्लैंड से चुरायी गई 44 पुरातर कृतियों की पुनःप्राप्ति की।
  • 119 पुरातन कृतियां पुनःप्राप्ति की प्रक्रिया में हैं।
  • पूरे लद्दाख क्षेत्र के लिए लेह में प्रथम मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी को केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल ने 5 सितंबर, 2019 को हरी झंडी दिखाई।
  • मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी (एमएमई) कार्यक्रम मूल रूप से मोबाइल साइंस म्यूज़ियम (एमएसएम) के रूप में 1965 में शुरू किया गया था।
  • इसका मिशन था कि ‘अगर लोग संग्रहालय नहीं जा सकते, तो संग्रहालय को लोगों के घर पर जाने दें’।
  • यह एनसीएसएम का सबसे बड़ा और सबसे लंबा चलने वाला आउटरीच कार्यक्रम है।
  • एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत, मध्य प्रदेश में संस्कृति मंत्रालय द्वारा 10वां राष्ट्रीय संस्कृत महोत्सव आयोजित किया गया।
  • मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल की उपस्थिति में 14 अक्टूबर, 2019 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में महोत्सव का उद्घाटन किया।
  • सीसीआरटी ई-पोर्टल और यूट्यूब चैनल 20 अक्टूबर, 2019 को सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (संस्कृति मंत्रालय) द्वारा दिल्ली के द्वारका स्थित सीसीआरटी मुख्यालय में आयोजित डिजिटल भारत – डिजिटल संस्कृतकार्यक्रम में लॉन्च किया गया था।
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दल द्वारा आन्ध्रप्रदेश में नेल्लौर (अब श्रीपोट्टी श्री रामुलु) के निकट गोट्टीप्रोलु में पुरातत्व सर्वेक्षण की खुदाई में इस स्थान पर विशाल बस्ति को साक्ष्य मिले हैं और ईंट के घेरे मिले हैं।
  • खुदाई में प्राप्त अन्य कृतियों में आदमकद विष्णु मूर्ती कला तथा वर्तमान युग की प्रारंभिक शताब्दियों के मिट्टी के सामान मिले।
  • खुदाई से इस स्थान का संकेत प्रारंभिक ऐतिहासिक काल के व्यापार केंद्र के रूप में मिला है।
  • यूनेस्को ने मुंबई को यूनेस्को रचनात्मक शहरों के नेटवर्क के सदस्य के रूप में और गैस्ट्रोनॉमी के क्षेत्र में हैदराबाद को नामित किया।
  • जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक (संशोधन) विधेयक, 2019 का उद्देश्य इसे गैर-राजनीतिक बनाना है।
  • ऐसा आईएनसी के अध्यक्ष से संबंधित प्रावधान को हटाकर किया गया।
  • विधेयकों को संशोधिक करके ट्रस्ट में लोकसभा में मान्यता प्राप्त विरोधी दल के नेता का स्थान देने का प्रावधान है।
  • यदि विपक्ष का कोई नेता नहीं है तो सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को शामिल करने का प्रावधान है।
  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज से संबंधित सभी रिकॉर्डों को गैर-वर्गीकृत करके भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार में रखा गया।
  • जलियांवाला बाग की शहीदों की मिट्टी वाले कलश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया। बाद में, नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में इसका अनावरण किया गया।
  • भारतीय संस्कृति पोर्टल को संस्कृति मंत्रालय द्वारा परिकल्पित किया गया था और इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बॉम्बे की एक टीम द्वारा विकसित किया गया, जबकि आंकड़ों का अवतरण इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) द्वारा किया गया है।
  • भारत का संस्कृति पोर्टल पहला सरकारी अधिकृत पोर्टल है, जहां संस्कृति मंत्रालय के विभिन्न संगठनों के ज्ञान और सांस्कृतिक संसाधन अब एक ही मंच पर सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं।
  • यह परियोजना प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया पहल का एक हिस्सा है जो समृद्ध मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक समृद्धि की देश-विदेश दोनों स्थानों पर जानकारी देता है।

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