वर्षांत समीक्षा – 2017: अंतरिक्ष विभाग

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  • वर्ष 2017 के दौरान अंतरिक्ष विभाग के कार्यकलापों की मुख्‍य विशेषताएं निम्‍नलिखित हैं:-
  • 15 फरवरी, 2017 को इसरो (ISRO) ने पीएसएलवी-सी 37 से एकल प्रक्षेपण के माध्यम से 104 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया।
  • 23 जून, 2017 को पीएसएलवी-सी 38 द्वारा एकल प्रक्षेपण के माध्यम से 31 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया गया।
  • इन उपग्रहों में दो भारतीय कार्टोसैट-2 सीरीज उपग्रह, दो भारतीय नैनो-उपग्रह, भारतीय विश्‍वविद्यालय से एक नैनो उपग्रह तथा 19 देशों के 130 विदेशी उपग्रह शामिल हैं।
  • ये 19 देश हैं :- ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, चिली, चेक गणराज्‍य, फ्रांस, फिनलैंड, जर्मनी, इटली, इस्राइल, जापान, कजाकिस्‍तान, लातविया, लिथुआनिया, स्‍लोवाकिया, स्विटजरलैंड, हॉलैंड, संयुक्‍त अरब अमीरात, ब्रिटेन एवं अमरीका।
  • कार्टोसैट-2 शृंखला उपग्रह का कार्यकाल 5 वर्ष है।
  • भारत के जियो सिंक्रोनस सैटेलाइट लांच व्हिकल मार्क II (जीएसएलवी-एफ09) ने 5 मई, 2017 को अपने सुनियोजित जियो सिंक्रोनस ट्रांसफर आर्बिट (जीटीओ) में 2230 किलोग्राम दक्षिण एशिया उपग्रह (जीसैट-9) का प्रक्षेपण किया।
  • यह जीएसएलवी का 11वां प्रक्षेपण था।
  • भारत के हैवी लिफ्ट लांच व्हिकल जीएसएलवी एमके-III के पहले डेवलपमेंटल फ्लाइट (जीएसएलवी एमके-III-डी1) का जीसैट-19 उपग्रह के प्रक्षेपण के साथ सतीश धवन अंतरिक्ष केन्‍द्र एसएचएआर, श्रीहरिकोटा से 5 जून, 2017 को सफलतापूर्वक परिचालन किया गया।
  • यह जीएसएलवी एमके-III का पहला आर्बिट मिशन था, जिसका मुख्‍य उद्देश्‍य उड़ान के दौरान अपने संपूर्ण रूप से विकसित स्‍वदेशी क्रायोजनिक अपर स्‍टेज के प्रदर्शन समेत व्हिकल प्रदर्शन का मूल्‍यांकन करना था।
  • लिफ्ट-ऑफ के दौरान 3136 किलोग्राम वजन वाला जीसैट-19 भारतीय भूमि से प्रक्षेपित होने वाला सबसे भारी वजन का उपग्रह बन गया।
  • 29 जून, 2017 को, जीसैट-17 दो महीनों के दौरान आर्बिट में सफलतापूर्वक पहुंचने वाला तीसरा संचार उपग्रह बन गया।
  • जीसैट-17 को फ्रेंच गुयाना के कोरो से यूरोपीय एरियन-5 लांच व्हिकल द्वारा प्रक्षेपित किया गया।
  • भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्‍ठी ‘उद्योग के लिए रुझान एवं अवसर’ का आयोजन 20-21 नवंबर, 2017 को नई दिल्‍ली में किया गया।
  • एस्‍ट्रोसेट भारत की बहुतरंग दैर्ध्‍य दूरबीन है इसमें अंतरिक्ष में अपने दो वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं।
  • 29 सितंबर, 2017 को राज्‍यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुजरात के सूरत में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की उपलब्धियों से जुड़ी एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
  • इसरो टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), अंतरिक्ष विभाग और वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), राष्‍ट्रीय भौतिकी प्रयोगशाला (एनपीएल) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच 4 अगस्‍त, 2017 को नई दिल्‍ली में समझौता पत्र पर हस्‍ताक्षर हुए।
  • समझौते के तहत सीएसआईआर-एनपीएल इसरो को समय और फ्रीक्‍वेंसी पर निगरानी बनाए रखने की सुविधा देते हैं।
  • मंगलयान मिशन 24 सितंबर, 2017 को कक्षा में सफलतापूर्वक अपने तीन वर्ष पूरा कर चुका है।
  • हालांकि इसको 6 माह के मिशन की समय सीमा के आधार पर ही तैयार किया गया था।

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