वर्षांत उपलब्धियां-2017 : विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय

0
127
  • भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 104 वें सत्र का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुपति में 3 जनवरी, 2017 को किया था।
  • केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 10 फरवरी, 2017 को अंग्रेजी ब्रेल में “एटलस फॉर विज़ुअली इम्पेअरड (इंडिया)” का विशेष संस्करण जारी किया।
  • यह ब्रेल एटलस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत आने वाले राष्ट्रीय एटलस और थीम मैपिंग संगठन (एनएटीएमओ) द्वारा तैयार किया गया है।
  • डॉ. हर्षवर्धन ने 10 अप्रैल, 2017 को सर्वे ऑफ इंडिया के 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर “नक्षी” पोर्टल का उद्घाटन किया।
  • भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अनुरूप आधार रखने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए प्रमाणीकरण प्रक्रिया के माध्यम से ओपन सीरीज़ मानचित्र “नक्षी” पोर्टल से पीडीएफ प्रारूप में 1: 50,000 पैमाने पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत की सफलता को 11 मई 2017 को प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाया गया।
  • भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 29 जून, 2017 को साल्ट लेक, कोलकाता में बोस इंस्टीट्यूट के यूनिफाइड कैम्पस का उद्घाटन किया।
  • 22 जुलाई, 2017 को संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेल मंत्री मनोज सिन्हा द्वारा सर्वे ऑफ इंडिया की स्थापना के 250वें वर्ष के अवसर पर एक स्मारक टिकट जारी किया गया।
  • केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 22 सितंबर, 2017 को “पंडित दीन दयाल उपाध्याय विज्ञान ग्राम संकुल परिजन” का शुभारंभ किया।
  • यह कार्यक्रम उत्तराखंड में एकत्रित दृष्टिकोण के माध्यम से सशक्त विकास के लिए उपयुक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल और उसे कार्यान्वित करने का प्रयास करेगा।
  • नई पहल
  • एसईआरबी विशिष्ट प्रतिष्ठाकर्ता पुरस्कार (SERB Distinguished Investigator Award) नामक एक नई योजना को असाधारण वैज्ञानिकों की प्रारंभिक पहचान और सशक्तिकरण के लिए मंजूरी दी गई है।
  • इस योजना का उद्देश्य युवा वैज्ञानिकों को चिहिन्त और उन्हें पुरस्कृत करना है जिन्होंने अपने अतिरिक्त मूरल रिसर्च स्कीम के तहत एसईआरबी समर्थित परियोजनाओं में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अभी एसएस भटनागर पुरस्कार/जेसी बोस फेलोशिप आदि जैसे उन्नत व्यावसायिक मान्यता के स्तर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
  • पुरस्कार विजेताओं को 3 वर्ष की अवधि के लिए 15,000 रुपये प्रति माह का मानदेय मिलेगा और उन्हें अपने अनुसंधान के विकास के लिए एक प्रोजेक्ट दिया जाएगा।
  • तारे (TARE – Teacher Associates for Research Excellence) मोबिलिटी स्कीम:-
  • एसईआरबी द्वारा मंजूर एक नई योजना तैयार की गई है, जिसका मकसद हमारे कॉलेजों और राज्य विश्वविद्यालयों में शोध व विकास की संभावनाओं को सक्रिय करना है जहां विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी को लेकर बुनियादी ढांचे तथा संस्कृति का अभाव है।
  • तारे योजना राज्य विश्वविद्यालयों या कॉलेजों में नियमित रूप से काम कर रहे शिक्षकों को आईआईटी, आईआईएससी, आईआईएसईआर, राष्ट्रीय लैब्स आदि जैसे शैक्षणिक संस्थानों में अंशकालिक अनुसंधान करने की अनुमति देगी।
  • ये शिक्षक जिस शहर में स्थित संस्थान में पढ़ा रहे होंगे उसी शहर में स्थित आईआईटी, आईआईएससी, आईआईएसईआर, राष्ट्रीय लैब्स आदि के साथ काम करने का मौका मिलेगा।
  • मनक (MANAK – Million Minds Augmenting National Aspiration and Knowledge):-
  • सरकार की स्टार्ट-अप इंडिया की पहल के संदर्भ में, मनक के कार्यान्वयन को कक्षा छठवीं से दसवीं तक के स्कूली बच्चों के बीच वैज्ञानिक नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है।
  • साइबर सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के बुनियादी ढांचा के लिए इंटरडिस्पिलनरी सेंटरः
  • आईआईटी कानपुर में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से साइबर सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के बुनियादी ढांचा के लिए इंटरडिस्पिलनरी सेंटर तैयार किया गया है।
  • यह भारत का पहला अपने तरह का शोध केंद्र है जिसे ऊर्जावान प्रोफेसर की निगरानी में तैयार किया गया है।
  • इस केंद्र का मिशन देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को तकनीकी युक्त सुरक्षित बनाना को लेकर अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करना है।
  • क्वांटम इंफार्मेशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी(क्यूएसटी):
  • डीएसटी द्वारा शुरू किया गया यह नया कार्यक्रम अगली पीढ़ी और भविष्य के कंप्यूटर, संचार और क्रिप्टोग्राफी प्रणालियों के विकास के लिए है।
  • पर्यावास ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए पहल(आई-पीएचईई):
  • पर्यावास ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए पहल(आई-पीएचईई) को लेकर नया कार्यक्रम शुरू किया गया है।
  • इसका उद्देश्य शहरों में स्थित इमारतों की ऊर्जा गतिविधि को बढ़ाना है।
  • यह कार्यक्रम इमारतों के डिजाइन, निर्माण और संचालन में ऊर्जा को बचाने के लिए ज्ञान और अभ्यास को बढ़ाने का काम करेगा।
  • इसके लिए 105 अनुसंधान प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 31 को वित्त पोषण के लिए सिफारिश की गई है।
  • इनोवेशन इन साइंस परसूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च(Innovation in Science Pursuit for Inspired Research – INSPIRE) कार्यक्रम के पांच घटक है और इसके तहत प्रतिवर्ष करीब 5 लाख छात्र पंजीकृत होते हैं।
  • शोध एवं विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन वेब आधारित एफआईएसटी योजना शुरू की गई है।
  • इस पहल से आवेदन करना और विभागों एवं कॉलेजों को फंड जारी करना आसान तथा पारदर्शी हो गया है।
  • स्कूली छात्रों, वैज्ञानिकों और समाज के तमाम तबकों को विभिन्न योजनाओं, गतिविधियों की जानकारी मुहैया कराने के लिए महत्वाकांक्षी इंडिया एस एंड टी पोर्टल को शुरू किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here