राष्ट्रीय मुनाफाखोरी विरोधी प्राधिकरण

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  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 नवंबर, 2017 को जीएसटी के अंतर्गत राष्‍ट्रीय मुनाफाखोरी विरोधी प्राधिकरण (National Anti-profiteering Authority – NAA) के गठन को मंजूरी प्रदान की।
  • इस प्राधिकरण का उद्देश्‍य यह सुनिश्‍चित करना है कि वस्‍तु एवं सेवाओं पर जीएसटी की दरों में कटौती का लाभ अंतिम उपभोक्‍ता तक कीमतों में कटौती के माध्‍यम से पहुंच पाए।
  • ध्यातव्य है कि 14 नवंबर 2017 की अर्द्ध रात्रि से लागू जीएसटी की दरों में 178 वस्‍तुओं के अंतर्गत आने वाली वस्‍तुओं पर जीएसटी की दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • अब केवल ऐसी 50 वस्‍तुएं ही रह गईं है जिन पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
  • इसी तरह अनेक वस्‍तुओं में भी जीएसटी की दरों में 18 से 12 प्रतिशत की कटौती की गई है और इसी तरह कुछ वस्‍तुओं को जीएसटी से पूर्ण रूप से छूट दे दी गई है।
  • जीएसटी कानून में उल्लिखित मुनाफारोधी उपाय यह सुनिश्चित करने के लिए संस्‍थागत ढांचे की व्‍यवस्‍था करती है कि वस्‍तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर इनपुट टैक्‍स क्रेडिट और जीएसटी की घटी हुई दरों का पूर्ण लाभ उपभोक्‍ताओं तक पहुंचे।
  • इस प्राधिकरण में केंद्र सरकार के सचिव स्तरीय एक वरिष्ठ अधिकारी और केंद्र या राज्यों से चार तकनीकी सदस्य शामिल होंगे।
  • इस संस्‍थागत ढांचे में एनएए, एक स्‍थायी समिति, प्रत्‍येक राज्‍य में छानबीन समितियां और केन्‍द्रीय उत्‍पाद एवं सीमा शुल्‍क बोर्ड (सीबीईसी) में सेफ गार्डस महानिदेशालय शामिल हैं।
  • यह प्राधिकरण केवल दो साल तक काम करेगा।
  • यदि एनएए यह पुष्टि करती है कि मुनाफाखोरी विरोधी उपायों को लागू करने की आवश्‍यकता है तो इसे आपूर्तिकर्ता/संबंधित व्‍यवसाय को उसकी कीमत घटाने या वस्‍तुओं या सेवाओं पर लिए ये गैर कानूनी लाभ को ब्‍याज सहित उपभेाक्‍ता को लौटाने का आदेश देने का अधिकार प्राप्‍त है।
  • यदि गैर-कानूनी लाभ को उपभोक्‍ता तक नहीं पहुचाया जा सकता तो इसे उपभोक्‍ता कल्‍याण निधि में जमा करने का आदेश दिया जा सकता है।
  • बहुत गभीर स्थिति में, एनएए चूककर्ता व्‍यावसायिक प्रतिष्‍ठान पर जुर्माना लगा सकती है और जीएसटी के अंतर्गत उसका पंजीकरण भी रद्द कर सकती है।
  • 28 नवंबर, 2017 को केंद्र सरकार ने बद्री नारायण शर्मा(बी. एन. शर्मा) को राष्‍ट्रीय मुनाफाखोरी विरोधी प्राधिकरण का प्रथम अध्यक्ष नियुक्त किया है।

संभावित प्रश्न

प्रश्न:- 28 नवंबर, 2017 को केंद्र सरकार ने राष्‍ट्रीय मुनाफाखोरी विरोधी प्राधिकरण का प्रथम अध्यक्ष किसे नियुक्त किया?

(a) राकेश अस्थाना            (b) बी. एन. शर्मा

(c) दिनेश्वर शर्मा               (d) हरीश जैन

उत्तर- (b)

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