मंत्रिमडल द्वारा सीपीएसई के कामगारों के लिए मजदूरी समझौते के आठवें चरण के लिए मजदूरी नीति को मंजूरी

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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमडल ने 22 नवंबर, 2017 को केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (Central Public Sector Enterprises – CPSEs) के कामगारों के लिए मजदूरी समझौते के आठवें चरण के लिए मजदूरी नीति को मंजूरी प्रदान की।
  • मुख्‍य विशेषताएं :
  • संबंधित सीपीएसई के लिए मजदूरी संशोधन की किफायतता और वित्‍तीय धारणीयता को ध्‍यान में रखते हुए ऐसे सीपीएसई का प्रबंधन ऐसे कामगारों के मजदूरी में संशोधन करने के लिए स्‍वतंत्र होगा, जहां पाँच वर्षों या दस वर्षों की मजदूरी अदायगी की अवधि 31 दिसंबर, 2016 को समाप्‍त हो गई है।
  • सरकार द्वारा मजदूरी में बढ़ोतरी के लिए कोई भी बजटीय सहायता नहीं दी जाएगी।
  • सम्पूर्ण वित्तीय भार संबंधित सीपीएसई द्वारा उसके आंतरिक संसाधनों से वहन किया जाएगा।
  • जिन सीपीएसई के लिए सरकार ने पुनर्संरचना /पुनर्उत्‍थान योजना के लिए मंजूरी दे दी है, उनमें मजदूरी में संशोधन मंजूर की गई पुनर्संरचना /पुनर्उत्‍थान योजना के प्रावधानों के अनुसार ही किया जाएगा।
  • संबंधित सीपीएसई के प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि वेतन के पराक्रमित स्‍केल उसके एक्‍जेक्‍यूटिव/अधिकारियों और गैर-यूनियनकृत अधीक्षकों के वर्तमान वेतनमान से अधिक नहीं होंगे।
  • जिन सीपीएसई के प्रबंधन में 5 वर्षों की आवधिकता को अपनाया गया है, उन्‍हें यह सुनिश्‍चित करना होगा कि दो उत्‍तरवर्ती मजदूरी समझौतों के पराक्रमित वेतन स्‍केल संबंधित सीपीएसई के एक्‍जेक्‍यूटिव/अधिकारियों और गैर-यूनियनकृत अधीक्षकों के वर्तमान वेतनमान से अधिक नहीं होंगे, जिनके लिए 10 वर्षों की आवधिकता का अनुपालन किया जा रहा है।
  • सीपीएसई को यह सुनिश्चित करना जरूरी है समझौते के बाद मजदूरी में कोई भी बढ़ोतरी से उनकी वस्‍तुओं और सेवाओं की प्रशासित कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
  • मजदूरी संशोधन इस शर्त के अधीन किया जाएगा कि उत्‍पादन की प्रति भौतिक इकाई की मजदूरी लागत में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
  • कुछ विशेष मामलों को छोड़कर जहां सीपीएसई पहले से ही ईष्‍टतम क्षमता पर काम कर रही हो, वहां प्रशासनिक मंत्रालय/विभाग उद्योग के मानदंडों पर विचार करते हुए डीपीई पर सुझाव दे सकता है।
  • मजदूरी समझौते की वैधता अवधि ऐसे लोगों के लिए कम से कम पाँच साल होगी, जिन्‍होंने पाँच वर्ष की आवधिकता का चयन किया है और जिन व्‍यक्तियों ने मजदूरी समझौते की आवधिकता के लिए 10 वर्ष की अवधि का चयन किया है उनके लिए अधिकतम अवधि 10 वर्ष होगी।
  • यह 1 जनवरी, 2017 से लागू होगी।
  • सीपीएसई समझौता की गई मजदूरियों को अपने प्रशासनिक मंत्रालय / विभाग के साथ यह सुनिश्चित करने के पश्‍चात ही लागू करेगी कि मजदूरी समझौता मंजूर किए गए मानदंडों के अनुरूप है।
  • पृष्‍ठभूमि:-
  • देश में 320 सीपीएसई में लगभग 34 लाख कर्मचारी है।
  • इनमें से लगभग 99 लाख कर्मचारी बोर्ड स्‍तर और बोर्ड स्‍तर से नीचे के एक्‍जेक्‍यूटिव और गैर-यूनियनकृत पर्यवेक्षक हैं।
  • शेष लगभग 35 लाख कर्मचारी यूनियनकृत कामगारों की श्रेणी में आते हैं।
  • यूनियनकृत कामगारों के संबंध में मजदूरी संशोधन को मजदूरी समझौते के लिए सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की शर्तों के अनुसार सीपीएसई के व्‍यापार संघों और प्रबंधनों द्वारा निर्धारित किया जाता है।

 

संभावित प्रश्न

प्रश्न:- 22 नवंबर, 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमडल ने  केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कामगारों के लिए मजदूरी समझौते के किस चरण के लिए मजदूरी नीति को मंजूरी प्रदान की?

(a) 8वें              (b) 7वें

(c) 6वें              (d) 10वें

उत्तर – (a)

 

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