भारत वन स्थिति रिपोर्ट, 2019

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भारत वन स्थिति रिपोर्ट, 2019

पृष्ठभूमि :-

  • ब्रिटिश काल में भारत की पहली राष्ट्रीय वन नीति वर्ष 1894 में प्रकाशित की गई।
  • स्वतंत्र भारत की पहली राष्ट्रीय वन नीति वर्ष 1952 में तैयार की गई।
  • भारत वन स्थिति रिपोर्ट को द्विवार्षिक आधार पर भारतीय वन सर्वेक्षण द्वारा वर्ष 1987 से प्रकाशित किया जाता है।
  • द्विवार्षिक आधार पर तैयार भारत वन स्थिति रिपोर्ट को वर्ष 2005 के बाद वर्ष 2009 में प्रकाशित किया गया था।
  • इसे वर्ष 2007 में प्रकाशित नहीं किया गया था।
  • इस शृंखला की भारत वन स्थिति रिपोर्ट, 2019 16वीं रिपोर्ट है।

भारत वन स्थिति रिपोर्ट, 2019 महत्वपूर्ण तथ्य :-

  • केन्द्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 30 दिसंबर, 2019 को भारत वन स्थिति रिपोर्ट, 2019  (India State of Forest Report, 2019 ) जारी किया।
  • ‘भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2019 ’ के अनुसार वन क्षेत्र के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों में है।
  • ताजा आकलन के अुनसार देश का कुल वन और वृक्ष आच्‍छादित क्षेत्र 80.73 मिलियन हेक्‍टेयर है जो कि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 24.56 प्रतिशत है।
  • भारत वन स्थिाति रिपोर्ट,2019 के अनुसार देश में वन और वृक्षावरण की स्थिति में 2017 की तुलना में 5188 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है।
  • इसमें 3976 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि वन क्षेत्रों में हुई है, जबकि वृक्षावरण क्षेत्र में 1212 वर्ग किलोमीटर की बढोत्तरी दर्ज की गई है।
  • वन क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी खुले और सामान्‍य रूप से घने तथा बेहद घने जंगलों में देखी गई है।
  • सघन वन क्षेत्रों में विस्‍तार के मामले में कर्नाटक (1025 वर्ग किलोमीटर), आंध्र प्रदेश (990 वर्ग किलोमीटर) और केरल (823 वर्ग किलोमीटर) शीर्ष तीन राज्‍यों में से रहे।
                                       भारत वन स्थिति रिपोर्ट, 2019 महत्वपूर्ण तथ्य

 

देश में कुल वन एवं वृक्षावरण 8,07,276 वर्ग किमी.
भौगोलिक क्षेत्रफल में वन एवं वृक्षावरण का हिस्सा

 

24.56 प्रतिशत

 

भौगोलिक क्षेत्रफल में वनों का हिस्सा

 

21.67 प्रतिशत (712249 वर्ग किमी)

 

वनावरण क्षेत्र में वृद्धि

 

3976 वर्ग किमी.

 

वृक्षावरण क्षेत्र में वृद्धि

 

1212 वर्ग किमी.

 

कुल वनावरण एवं वृक्षावरण क्षेत्र में वृद्धि

 

5188 वर्ग किमी.

 

 

सर्वाधिक वनावरण वाले   राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्रतिशत में
लक्षद्वीप 90.33
मिजोरम 85.41
अंडमान निकोबार द्वीप समूह

 

81.74

 

वनावरण क्षेत्र में वृद्धि वाले राज्य      

 

वर्ग किमी.में
कर्नाटक

 

1,025
आंध्र प्रदेश

 

990
केरल

 

823
जम्मू-कश्मीर

 

371
हिमाचल प्रदेश

 

334

 

वनावरण क्षेत्र में कमी वाले राज्य       वर्ग किमी.में
मणिपुर 499
अरुणाचल प्रदेश 276
मिजोरम 180
मेघालय 27
नगालैंड 3

 

सर्वाधिक वनावरण वाले राज्य    क्षेत्रफल वर्ग किमी.में

 

मध्‍य प्रदेश

 

77,482
अरुणाचल प्रदेश 66,688

 

छत्तीसगढ़ 55,611

 

  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 राज्य क्रमशः हैं – मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं महाराष्ट्र।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से न्यूनतम वनावरण वाले 5 राज्य क्रमशः हैं – हरियाणा, पंजाब, गोवा, सिक्किम तथा बिहार।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 केंद्र शासित प्रदेश क्रमशः हैं – जम्मू एवं कश्मीर, अंडमान एवं निकोबार, लद्दाख, दादरा व नगर हवेली तथा दिल्ली।
  • प्रतिशतता की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 राज्य क्रमशः हैं – मिजोरम (85.41%), अरुणाचल प्रदेश (79.63%), मेघालय (76.33%), मणिपुर (75.46%) तथा नगालैंड (75.31%)।
  • प्रतिशतता की दृष्टि से न्यूनतम वनावरण वाले 5 राज्य क्रमशः हैं – हरियाणा (3.62%),पंजाब (3.67%), राजस्थान (4.86%), उत्तर प्रदेश (6.15%) तथा गुजरात (7.57%)।
  • प्रतिशतता की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 केंद्र शासित प्रदेश क्रमशः हैं – लक्षद्वीप (90.33%), अंडमान एवं निकोबार (81.74%), दादरा व नगर हवेली (42.16%), जम्मू एवं कश्मीर (39.66%) तथा चंडीगढ़ (19.32%)।
  • प्रतिशतता की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश क्रमशः हैं – लक्षद्वीप (90.33%), मिजोरम (85.41%), अंडमान एवं निकोबार (81.74%), अरुणाचल प्रदेश (79.63%), तथा मेघालय (76.33%)।
  • बिहार

  • कुल वनावरण क्षेत्र – 7,306 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण का हिस्सा – 7.76%
  • कुल वृक्षावरण क्षेत्र – 2,003 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वृक्षावरण का हिस्सा – 2.13%
  • कुल वनावरण एवं वृक्षावरण – 9,309 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण एवं वृक्षावरण का हिस्सा – 9.89%
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – कैमूर(भभुआ), प. चम्पारण, रोहतास, जमुई तथा गया।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से न्यूनतम वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – जहानाबाद, शेखपुरा, अरवल, गोपालगंज तथा बक्सर।
  • झारखण्ड

  • कुल वनावरण क्षेत्र – 23,611 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण का हिस्सा – 29.62%
  • कुल वृक्षावरण क्षेत्र – 2,657 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वृक्षावरण का हिस्सा – 3.33%
  • कुल वनावरण एवं वृक्षावरण – 26,268 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण एवं वृक्षावरण का हिस्सा – 32.95%
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – प. सिंहभूम, लातेहार, चतरा, गुमला तथा गढ़वा।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से न्यूनतम वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – जामताड़ा, देवघर, धनबाद, पाकुड़ तथा रामगढ़।
  • उत्तर प्रदेश

  • कुल वनावरण क्षेत्र – 14,806 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण का हिस्सा – 6.15%
  • कुल वृक्षावरण क्षेत्र – 7,342 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वृक्षावरण का हिस्सा – 3.05%
  • कुल वनावरण एवं वृक्षावरण – 22,148 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण एवं वृक्षावरण का हिस्सा – 9.20%
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – सोनभद्र, खीरी, मिर्ज़ापुर, पीलीभीत तथा चित्रकूट।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से न्यूनतम वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – संत रविदास नगर (भदोही), मऊ, मैनपुरी, संत कबीर नगर तथा देवरिया।
  • मध्य प्रदेश

  • कुल वनावरण क्षेत्र – 77,482 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण का हिस्सा – 25.14%
  • कुल वृक्षावरण क्षेत्र – 8,339 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वृक्षावरण का हिस्सा – 2.71%
  • कुल वनावरण एवं वृक्षावरण – 85,821 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण एवं वृक्षावरण का हिस्सा – 27.85%
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, श्योपुर तथा सिवनी।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से न्यूनतम वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, भिंड तथा राजगढ़।
  • छत्तीसगढ़

  • कुल वनावरण क्षेत्र – 55,611 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण का हिस्सा – 41.13%
  • कुल वृक्षावरण क्षेत्र – 4,248 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वृक्षावरण का हिस्सा – 3.14%
  • कुल वनावरण एवं वृक्षावरण – 59,859 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण एवं वृक्षावरण का हिस्सा – 44.27%
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – सरगुजा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर तथा कोरिया।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से न्यूनतम वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – जांजगीर-चंपा, दुर्ग, महासमुंद, कबीरधाम तथा धमतरी।
  • राजस्थान

  • कुल वनावरण क्षेत्र – 16,630 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण का हिस्सा – 4.86%
  • कुल वृक्षावरण क्षेत्र – 8,112 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वृक्षावरण का हिस्सा – 2.37%
  • कुल वनावरण एवं वृक्षावरण – 24,742 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण एवं वृक्षावरण का हिस्सा – 7.23%
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – उदयपुर, अलवर, प्रतापगढ़, बारां तथा चित्तौड़गढ़।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से न्यूनतम वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – चूरू, हनुमानगढ़, जोधपुर, गंगानगर तथा दौसा।
  • उत्तराखंड

  • कुल वनावरण क्षेत्र – 24,303 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण का हिस्सा – 45.44%
  • कुल वृक्षावरण क्षेत्र – 841 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वृक्षावरण का हिस्सा – 1.57%
  • कुल वनावरण एवं वृक्षावरण – 25,144 वर्ग किमी.
  • भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण एवं वृक्षावरण का हिस्सा – 47.01%
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – गढ़वाल, नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली तथा पिथौरागढ़।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से न्यूनतम वनावरण वाले 5 जिले क्रमशः हैं – ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चम्पावत तथा बागेश्वर।
  • आईएसएफआर 2019 के अनुसार देश में कच्‍छ वनस्‍पति वाले क्षेत्रों का कुल क्षेत्रफल 4975 वर्ग किलोमीटर है।
  • आईएसएफआर 2017 के आकलन की तुलना में इस बार कच्‍छ वनस्‍पति वाले क्षेत्रों में 54 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है।
  • कच्‍छ वनस्‍पति के मामले में गुजरात (37 वर्ग किलोमीटर), महाराष्‍ट्र (16 वर्ग किलोमीटर) और ओडिशा( 8 वर्ग किलोमीटर) वृद्धि के साथ देश के तीन शीर्ष राज्‍य रहे।
  • भारत में सर्वाधिक मैंग्रोव आच्छादित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश क्रमशः हैं – प. बंगाल (2,112 वर्ग किमी.), गुजरात (1,177 वर्ग किमी.), अंडमान एवं निकोबार (616 वर्ग किमी.), आंध्र प्रदेश (404 वर्ग किमी.), महाराष्ट्र (320 वर्ग किमी.), ओडिशा (251 वर्ग किमी.)
  • भारत के वन क्षेत्र और वनों के बाहर स्थित वृक्षों और छोटे जंगलों का कुल क्षेत्र 5915.76 मिलियन घन मीटर अनुमानित है।
  • जिसमें 4273.47 मिलियन घन मीटर वनों के भीतर तथा 1642.29 मिलियन घन मीटर वन क्षेत्रों के बाहर है।
  • कुल मिलाकर देश की वन संपदा में 2017 की तुलना में 93.38 मिलियन वर्गमीटर की वृद्धि हुई है।
  • देश में बांस उत्‍पादन वाला कुल क्षेत्र 16.00 मिलियन हेक्‍टेयर है।
  • वर्ष 2017 में जारी आकलन रिपोर्ट की तुलना में इस बार बांस वाले क्षेत्रों में 0.32 मिलियन हेक्‍टेयर की बढ़ोतरी हुई है।
  • रिपोर्ट के अनुसार बांस के पौंधों का अनुमानित कुल हरित वजन 278 मिलियन टन है जो कि 2017 की रिपोर्ट की तुलना में 88 मिलियन टन अधिक है।
  • मौजूदा आकलन रिपोर्ट के अनुसार देश के वन क्षेत्र में कार्बन का स्‍टॉक 7124.6 मिलियन टन अनुमानित है जो कि पिछली रिपोर्ट की तुलना में 42.6 मिलियन टन अधिक है।
  • कार्बन स्‍टॉक में वार्षिक स्‍तर पर 21.3 मिलियन टन की वृद्धि हुई है जो कि 78.2 मिलियन टन कार्बन डाइआक्‍साइड के बराबर है।
  • वन आच्‍छादित दलदली क्षेत्र हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्‍सा हैं जो पादपों और जीव जंतुओं की विभिन्‍न प्रजातियों के साथ जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं। दलदली क्षेत्रों की इसी विशेषता को ध्‍यान में रखते हुए भारतीय वन सर्वेक्षण ने संरक्षित वन क्षेत्रों में स्थित एक हेक्‍टेयर से ज्‍यादा वाले दलदली क्षेत्रों का इस बार राष्‍ट्रीय स्‍तर पर सर्वे कराया।
  • रिपोर्ट में पाया गया कि देश में कुल 62466 दलदली क्षेत्र हैं जो संरक्षित वन क्षेत्रों का 3.8 प्रतिशत है।

संबंधित लिंक :-

http://164.100.117.97/WriteReadData/userfiles/ISFR2019%20Vol-I.pdf

http://164.100.117.97/WriteReadData/userfiles/ISFR2019%20Vol-II.pdf

 

 

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