भारतीय वन (संशोधन) अध्यादेश, 2017

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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि अध्यक्षता में केंद्र सरकार ने 23 नवंबर, 2017 को एक ऐतिहासिक पहल में भारतीय वन (संशोधन) अध्‍यादेश, 2017 की घोषणा की है।
  • इससे गैर वन क्षेत्रों में उगाए गए बांस को वृक्ष की परिभाषा के दायरे में लाए जाने से छूट मिले और इस प्रकार इसके आर्थिक उपयोग के लिए गिराने/पारगमन परमिट की आवश्‍यकता से छूट प्रदान की जा सकेगी।
  • बांस, हालांकि घास की परिभाषा के तहत आता है पर इसे भारतीय वन अधिनियम, 1927 में कानूनी रूप से एक वृक्ष के रूप में परिभाषित किया गया है।
  • इस संशोधन के पहले, किसी वन एवं गैर वन भूमि पर उगाए गए बांस को गिराने /पारगमन पर भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( आईएफए, 1927) के प्रावधान लागू होते थे।
  • किसानों द्वारा गैर वन भूमि पर बांस की खेती करने की राह में यह एक बड़ी बाधा थी।
  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23 नवंबर, 2017 को इस बारे में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के खंड 2 (7) के संशोधन पर अध्‍यादेश की घोषणा की थी।
  • इस संशोधन का एक बड़ा उद्वेश्‍य किसानों की आय बढ़ाने तथा देश के हरित कवर में बढोतरी करने के दोहरे लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए गैर वन क्षेत्रों में बांस की खेती को प्रोत्‍साहित करना था।
  • वन क्षेत्रों में उगाए गए बांस अभी भी भारतीय वन अधिनियम, 1927 के प्रावधानों द्वारा शासित होंगे।
  • एक तरफ, किसानों एवं व्‍यक्ति विशेषों के सामने आने वाली कानूनी एवं विनियामक समस्‍याएं समाप्‍त हो जाएंगी,वहीं दूसरी ओर यह 6 मिलियन खेती योग्‍य बंजर भूमि में खेती के लिए एक व्‍यवहार्य विकल्‍प भी प्रस्‍तुत करेगा।

संभावित प्रश्न

प्रश्न:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि अध्यक्षता में केंद्र सरकार ने कब भारतीय वन (संशोधन) अध्‍यादेश, 2017 की घोषणा की है?

(a) 24 नवंबर, 2017           (b) 23 नवंबर, 2017

(c) 21 नवंबर, 2017           (d) 20 नवंबर, 2017

उत्तर – (b)

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